■ राजनेता व प्रशासन की मिलीभगत पर उठ रहे सवाल
■ पालकमंत्री वडेट्टीवार की अनदेखी, रेत तस्करों के हौसले बुलंद
■ अतिरिक्त जिलाधीश से शिकायत, जांच व रेत नीलामी रद्द करने की मांग
@सावली (चंद्रपुर)
नागभीड़ के सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता ने राजस्व विभाग से अनुरोध कर जब्त रेत में से 300 ब्रास रेत उपलब्ध कराने की मांग की थी। सार्वजनिक निर्माण विभाग के सावली उपविभाग कार्यालय हेतु 150 ब्रास रेत एवं सावली व्याहाड़ खुर्द के विश्राम गृह के लिये 150 ब्रास रेत उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। इस मांग के आधार पर सावली के तहसीलदार ने बोरमाला रेत घाट से जब्त की गई 245 ब्रास रेत संग्रह को नागभीड़ के पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता को सौंपने के प्रस्ताव पर सहमति दर्शायी। इसके बाद चंद्रपुर जिलाधिकारी कार्यालय के खनन विभाग की ओर से 11 जनवरी 2022 को रेत संग्रह प्राप्त करने का आदेश जारी किया गया था। परंतु जब्त रेत के स्थल से संग्रहित रेत गायब है। बोरमाला से जब्त की गई रेत में से वहां केवल 10 से 12 ब्रास रेत की उपलब्ध थी। शेष रेत कहां गायब हुई, इसका जवाब कोई नहीं दे पा रहा है। वहीं रेत तस्करी के खिलाफ नागपुर आयुक्त के समक्ष बैठक लेने वाले चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार की रेत माफिया के खिलाफ की नीति पर अनेक सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय प्रशासन एवं राजनीतिक कनेक्शन
रेत तस्करों की ओर से सावली तहसील के बोरमाड़ा तट किनारे संग्रहित व जब्त रेत को चुरा लिये जाने की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है। स्थानीय प्रशासन एवं राजनीतिक कनेक्शन के आधार पर रेत तस्करों के माध्यम से जब्त रेत चुराये जाने की चर्चा आम है। न तो राजस्व विभाग इस पर कोई ठोस जवाब दे पा रहा है और न ही खनन विभाग की ओर से कोई पुख्ता जानकारी दी जा रही है।
100 ब्रास रेत डालकर की लीपापोती
तहसीलदार व खनन निरीक्षक नॉट रिचेबल
जब्त की गई रेत की चोरी होने के मामले में जब हमने सावली के तहसीलदार प्रक्षीत पाटील को प्रशासन की भूमिका जानने व प्रतिक्रिया लेने के लिये कॉल किया तो उन्होंने कोई प्रतिसाद नहीं दिया। वहीं जिलाधिकारी कार्यालय के खनन विभाग के निरीक्षक अल्का खेडकर को ग्रामीणों से मिली शिकायत के संदर्भ में प्रतिक्रिया जानने के लिये कॉल किया तो वे नॉट रिचेबल मिली। इसके चलते प्रशासन की भूमिका ज्ञात नहीं हो पायी।
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