■ माजरी के 5 मकान व 12 दुकान धराशायी, झूठे निकले नेताओं के वादे
■ नेताओं की बैठकें रही
बेअसर, रेल अधिकारी व कलेक्टर नहीं माने
@चंद्रपुर
पीड़ितों को न्याय
दिलाने का दिखावा करने के इस दौर में एक नया चौंकाने वाला मामला सामने आया हैं। इस
बार नेताओं के झूठे आश्वासनों का शिकार हुए माजरी वासी। मामला था रेलवे क्षेत्र
में अतिक्रमित मकानों व दुकानों को नहीं हटाने का। 8 जनवरी 2022 को जिले के
पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने माजरी वासियों को आश्वासन देते हुए कहा था कि उनका
एक भी मकान या दुकान गिराया गया तो वे रेलवे और वेकोलि अधिकारियों के खिलाफ अपराध
दर्ज कराएंगे। वहीं भाजपा नेता व विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने 11 मई 2022 को
जिलाधिकारी अजय गुल्हाने से बैठक करने के बाद भरोसा दिलाया था कि पर्यायी व्यवस्था
होने तक अतिक्रमणकारियों को नहीं हटाया जाएगा। लेकिन इन दोनों नेताओं के आश्वासन
इस बार झूठे साबित हुए हैं। पालकमंत्री वडेट्टीवार के अनुसार न तो अतिक्रमण हटाने
वाले किसी अधिकारी पर अपराध दर्ज किया गया है और न ही विधायक मुनगंटीवार के अनुसार
पर्यायी व्यवस्था की गई। आज 17 मई 2022 को रेलवे व पुलिस के कार्रवाई मुहिम में 5
निवासी मकान और 12 दुकानों को धराशायी किया गया।
40 वर्षों से रहने वाले हुए बेघर
400 पुलिस और 2 बुलडोजर
रेलवे क्षेत्र में बसे माजरी के 5 मकानों व 12 दुकानों को तोड़ने के लिये करीब 400 पुलिस इस कार्रवाई के दौरान मौजूद थे। इसमें आरपीएफ एवं स्थानीय पुलिस का भी समावेश था। मंगलवार की सुबह 7 बजे से शुरू हुई इस कार्रवाई में 2 बोलडोजर का इस्तेमाल किया गया। संबंधित परिवार व दुकानदार बेघर हो गये। तपती धूप में इन्हें अब आसरा मिलना मुश्किल हो गया है। पीड़ित परिवार रेलवे के भूमि पर गत 40 से 50 वर्षों से यहां रह रहे थे। इन पीड़ितों को आवास योजनाओं के माध्यम से घर दिलाने की मांग परिसर के नागरिकों ने की है।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय नेता हिरासत में
डह गये मकान, फिर पहुंचे देवराव भोंगले
अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई निपट जाने के बाद भाजपा के जिलाध्यक्ष देवराव भोंगले ने घटना स्थल को भेंट दी। लेकिन पूर्व से कार्रवाई की जानकारी प्राप्त होने के बावजूद भाजपा के आला नेता इस कार्रवाई को रोकने के लिये कुछ नहीं कर पाया।






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