- SBI कर्ज घोटालों में 11 बिल्डरों व सीए को बचा रही पुलिस

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SBI कर्ज घोटालों में 11 बिल्डरों व सीए को बचा रही पुलिस


राकांपा शहर जिलाध्यक्ष कक्कड़ का पत्र परिषद में आरोप

बिल्डरों ने फ्लैट की अतिरिक्त रकम कर्जधारकों को क्यों लौटाये ?   

@चंद्रपुर
SBI के करोड़ों के कर्ज घोटाले में लाभान्वित हुए 11 बिल्डरों व सीए के खिलाफ पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अनेक कर्जधारकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, लेकिन इस घोटाले को अंजाम देने वाले सीए, एजेंट व बिल्डरों तक पुलिस का नहीं पहुंच पाना, अनेक सवालों और संदेहों को जन्म दे रहा है। यह आरोप राकांपा शहर जिलाध्यक्ष राजीव कक्कड़ ने लगाया है। सोमवार, 14 मार्च 2022 को आयोजित पत्रकार परिषद में वे बोल रहे थे। इस मौके पर राकांपा नेता नितीन भटारकर, सुनील काले, डी. के. आरिकर, नितीन पिंपलशेंडे, अभिनव देशपांडे आदि उपस्थित थे।

बिल्डरों ने अतिरिक्त राशि कर्जधारकों को वापिस की थी

राकांपा नेता राजीव कक्कड़ ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस उपनिरीक्षक दीपक एस. मस्के की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि गिरफ्तार आरोपी कर्जधारकों ने संपत्ति खरीदी रकम से अधिक कर्ज लिया था। संबंधित बिल्डरों ने यह अतिरिक्त राशि कर्जधारकों को वापिस की थी। अत: राशि के लेन-देन में बिल्डर भी उतने ही दोषी होने का दावा कक्कड़ ने किया है।


14 करोड़ 26 लाख 61 हजार 700 रुपयों का घोटाला
चंद्रपुर के 9 से 11 बिल्डरों ने फ्लैट बेचे। बिक्री के दस्तावेज उन्होंने बोगस बनाये। मूल रकम से अधिक रकम का एग्रीमेंट बनाया। स्टेट बैंक का मूल्यांकन रिपोर्ट, बाजार भाव व अन्य जांच नहीं की गई। बैंक ने सभी दस्तावेजों की उचित जांच नहीं की। क्षमता न होने के बावजूद उन्हें अधिक के कर्ज वितरण के चलते यह घोटाला उजागर हुआ। इससे बैंक को करीब 14 करोड़ का नुकसान हुआ। कर्जधारकों के खाते एनपीए हो गये। मीडिया और मंत्रालय में इस घोटाले की दखल लेने के बाद बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक ने रामनगर पुलिस स्टेशन ने शिकायत दर्ज करवायी गई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। 44 कर्ज मामलों में से 30 कर्ज मामले बोगस हैं। इनमें कुल 14 करोड़ 26 लाख 61 हजार 700 रुपयों का गृह कर्ज वितरीत कर बैंक को चूना लगाया गया।

बड़ी मछलियां बेखौफ
इस अपराध में शामिल आरोपी एजेंट, बिल्डर, सीए आदि पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। आरोपी सुक्रीम ठाकुर, आशिष ठेंगले, उदय जब तक पुलिस गिरफ्त में नहीं आयेंगे तब तक इस घोटाले की बड़ी मछलियां बेखौफ रहेगी। इसलिये संबंधित बिल्डरों व सीए के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग राजीव कक्कड़ ने की है।

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